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कविता

आओ दीप जलाएं

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आज दिवाली फिर से आई,आओ दीप जलाएं| खील, बतासे और मिठाई, खुश हो-हो कर खाएं॥ देते रिश्तेदार, मित्रगण, हंस-हमस खूब बधाई| घर आएं, पकवान खिलाएं, संग स्वादिष्ट मिठाई॥ कहते हैं वनवास भोग जब, राम लौट घर आए| इतनी खुशी मनाई घर-घर, घी के दिए जलाए॥ श्याम अमावस को ही त..

सच कहना...

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सांसों की सरगम से जब दिल की धड़कन बढ़ जाती है|सच कहना क्या तुमको भी तब याद हमारी आती है॥ बादल बारिश के मौसम में राग मल्हार सुनाते हैं| पुरवाई के झोंकें जब संदेश मिलन का लाते हैं॥ तोता मैना डालों पर अपनी धुन में खो जाते हैं| कलियों के उपवन में जब मादक भौरें..

मंगल-वर्षा

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पी के फूटे आज प्यार के, पानी बरसा री| हरियाली छा गई, हमारे सावन सरसा री| बादल छाए आसमान में, धरती फूली री, भरी सुहागिन, आज मांग में भूली-भूली री, बिजली चमकी भाग सरीखी, दादुर बोले री, अंध प्रान-सी बही, उड़े पंछी अनमोले री, छिन-छिन उठी हिलोर मगन-मन पागल दरस..

नींद के द्वार पर

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स्वप्न आंखों में आयें तो कैसे भला|आप हों जब खड़े नींद के द्वार पर॥ रात परियों के आंगन में बीती मगर| हो गयी भोर पायल की झंकार पर॥ दिल की दहलीज़ पर एक दस्तक हुई खोल दी हमने कमरे की सब खिड़कियां| एक खुश्बू थिरकती, ठुमकती हुई साथ लायी धनक रंग सौ तितलियां| एक नन्..

आई दीवाली मंगलदाई

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आई दीवाली मंगलदाई,आनंद छाया घर-घर में,नगर पधारे प्रभु श्रीराम,झूम उठा है सब संसार पहला दिन धनतेरस का,धन की पूजा करने का,सजी रंगोली आंगन में,दीप जले हैं हर घर में नरकासुर था अति बलवान,बंदी थी नारी कुलवान,आये छुड़ाने कृष्ण भगवान,नरकचतुर्दशी पर्व महान दीपावली..

अयोध्या-मेला

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कहा चला चली पिया मेला देखइ, लगल बा हो अयोध्या नगरिया मा|मिलि जइहें हो राम लक्ष्मण संघे, माई अञ्जनी के लाला डगरिया मा॥ ढ़ोलक नगाड़ा बजइ मन भावइ, श्रीराम धुन हां जिया हरषावइ| श्रीराम चरित मानस की रगिया, बाबा तुलसी भोरवै मा गांवइ| सुना सुनि जाई पिया अमृत वचन, ..

बीस दोहे

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जानेकैसेहोगए,शहर-गलीऔरगांव|छोटी-छोटीबातपर,लगेदांवपरदांव॥दिखारहेहैंभविष्यकेवेसपनेअविराम|भूखमांगतीहैयहां,हरपरएकविराम॥रोटीतककोहोरहे,यहांरोजसंग्राम|इंकलाबकेशोरमें,होताजगनीलाम|सुविधाओंकेलोभमें,बबुआहैफिरमौन|रमुआफिरभीचीखता,सुनताउसकीकौन॥मुद्दतसेहमजागते,सारी-सारीर..

दिया जले नगर नगर

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गांव को कि या शहर , दिया जले हर एक घर दिया जले नगर नगर दिया जले डगर डगर जात हो न पात हो, दिल से दिल की बात होप्यार की सौगात हो जुल्म की न रात होन युद्ध न उन्माद हो, न द्वेष अंधकार हो न घात न प्रतिघात हो, मोहब्बतों की बात हो दिया जले नगर नगर दिया जले ..

सारी चमक...

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सारी चमक हमारे पसीने की है जनाब बिरसे में हमको कोई भी जेवर नहीं मिला घर से हमारी आंख-मिचौली रही सदा आंगन नहीं मिला तो कभी दर नही मिला|..

दीपावली

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  दिवाली दे सुषमा निराली विश्व को नव ज्ञान दे| शांति दे इस विश्व को गौरवमयी पहचान दे| चिर पुरातन हिंद से विद्वानता का मान दे| प्रीति, वैभव, चेतना,यश हर हृदय को दान दे॥ दिवाली पर मानव हृदय में प्रकृति के प्रति प्यार हो| कष्ट का होवे निवारण आरोग्यमय संसार हो| प्रात: स्वागत गान गाए सांझ गाए आरती- दीप की शुभ रश्मियों का विश्व को उपहार हो| आओ एक इतिहास रचाएं| इस दुनिया में तम ही तम है दीवाली पर दीप जलाएं| नेहन्नीति की सुंदर सरगम मिल कर हम तुम सारे गाएं॥ विश्व गुरु भारत का सपना, आओ! हम साकार ..

मेरे घर आई है परी

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कौन पैदा हुआ है लड्डू या जलेबी? मेरे पड़ोसी ने पूछा, मैंने कहा लड़की, फिक्र है लड़की, जिक्र है लड़की, क्या कुडंली का दोष है लड़की? दहेज हत्या बलात्कार का कारण है लड़की, क्यों अखबारों की सुर्खियां है लड़की? क्यू खेला जाता है उनकी इज्जतों से? हमारी ओछी सोच है लड़की, आज भी क्यू आजाद नहीं है लड़की? डरी सहमी हक के लिए लडती है लड़की, इंदिरा गांधी, सरोजिनी नायडू, मदर टरेसा लता मंगेशकर, लक्ष्मीबाई है लड़की, कदम से कदम, कधों से कंधा मिलाती है लड़की माता-पिता, सीता-राम, राधे-श्याम..