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तकनीक

ईमेल - आपका ई-अस्तित्व

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सभी ईमेल सेवाएं स्मार्टफोन पर एप के साथ या एप के बिना भी उपलब्ध हैं, जिसके कारण दुनिया के किसी भी कोने में बैठ कर आप ईमेल के माध्यम से संवाद स्थापित कर सकते हैं| ये सेवाएं एक सीमा तक नि:शुल्क हैं| दुनिया के साथ संवाद रखना है तो आपको भी आधुनिकता के साथ कदम मिलाना ही होगा|..

प्लास्टिक और ई-कचरे का संकट

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नई-नई खोजों के साथ हमने प्लास्टिक और ई-उपकरणों की शृंखला खड़ी कर दी है; लेकिन इनसे उत्पन्न होने वाले कचरे के संकट का समाधान नहीं खोजा| यदि सृष्टि को बचाना है तो हमें इसका जवाब खोजना ही होगा|..

छोटे घरों के लिए, स्पेस सेविंग फर्नीचर

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महानगरों में फ्लैटो के कमरे इतने छोटे होते हैं कि बड़ा बेड रखने की जगह नहीं होती, इसलिए बेडरूम के लिए वॉल बेड ही लें जब जरूरत हो बेड नीचे कर लें, वरना इसे वॉल पर फिट कर दें|..

नया विधेयक, बैंक ग्राहक और जमापूंजी

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नये वित्तीय विधेयक की धारा ५२ के प्रावधानों को लेकर आम लोगों में बेचैनी है. इसमें प्रावधान है कि नया निगम चाहे तो जमाकर्ताओं की सारी जमापूंजी डकार सकता है. इससे न्यूनतम एक लाख रु. की बीमाकृत सुरक्षित राशि भी देने से इनकार कर सकता है. यह तो दिनदहाड़े डकैती हुई, जिसे रोकना सरकार का कर्तव्य है. लोगों में सरकार के प्रति विश्वास का माहौल पैदा होना चाहिए, संदेह का नहीं...

कल क्या होगा, किसको पता?

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पिछले कुछ दशकों में विज्ञान ने आदमी को कहां से कहां पहुंचा दिया इस पर गौर करें तो पता चलेगा कि विज्ञान ने तो आदमी की पूरी जीवनशैली ही बदल दी है| इसी पृष्ठभूमि में सऊदी अरब ने सारी दुनिया को चौंका दिया है| उसने २५ अक्टूबर को एक रोबोट (यंत्र मानव) को ही अपनी नागरिकता प्रदान कर दी है| ‘सोफिया’ नामक इस रोबोट को नागरिकता दिए जाने से विश्व की भौहें तन जाना स्वाभाविक है| इसलिए भी कि, मामला यहीं नहीं रुका| सऊदी युवराज ने तो घोषणा कर दी कि वे ‘नियोम’ नाम से मक्का के निकट एक रोबोट नगरी ..

मुख्य मीडिया की भूमिका निभा रहा सोशल मीडिया

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सोशल मीडिया जैसा अभिव्यक्ति का माध्यम मुख्य मीडिया को तो आईना दिखा ही रहा है, साथ ही सामाज को जागरूक और सशक्त भी बना रहा है| लेकिन मुख्य धारा की मीडिया को मूल रूप में आना होगा| उसे अपने राष्ट्र धर्म और समाज धर्म के उद्देश्यों का पालन करते हुए पुनः अपनी सार्थकता सिद्ध करनी होगी|भारत के संविधान के अनुच्छेद १९(१) के तहत प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई है| अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अर्थात अपने भावों और विचारों को व्य्क्त करने का हर नागरिक को अधिकार है| इसके तहत कोई भी व्याक्ति न सिर्फ ..

कैसा होगा भविष्य का बैंकिंग?

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भविष्य का बैंकिंग पूरी तरह बदल चुका होगा। ग्राहकों के लिए विशिष्ट बैंकिंग अनुभव, जोखिमों और नियमों दोनों का बेहतर प्रबंधन, अत्याधुनिक तकनीक की मदद से गैर-बैंकिंग असंगठित संस्थाओं से प्रतिस्पर्धा करना, यही बैंकों का भविष्य है और तभी बैंक जीवित रह सकेंगे। हमारे बच्चे शायद किसी अलग तरह की बैंकिंग का अनुभव लेंगे। एक बात तो पक्की है कि बैंक शाखाओं का महत्व निकट भविष्य तक ही सीमित रहेगा। उसके बाद उनका महत्व बहुत हद तक कम हो जाएगा। भविष्य में बैंक शाखाएं बहुत अलग तरह की भूमिका अदा करेंगी। जैसे किसी ..

भारतीय जीवनशैली और स्मार्ट सिटी

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वर्तमान शहरों की मूलभूत व्यवस्थाएं मजबूत करना, चौड़ी सड़कें, सुरक्षित और खाली फुटपाथ, मानव सुलभ मार्गदर्शक चिह्न, उचित दूरी पर स्त्री-पुरुष शौचालय, खेल के मैदान, ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन और बेहतर सूचना प्रौद्योगिकी संजाल जैसी अनेक व्यवस्थाओं से नागरिकों की जीवन शैली को बेहतर बनाना ही स्मार्ट शहरों की परिकल्पना है। भारतीयों को चाहिए भारतीय संस्कृति और परंपरा को समा लेने वाली स्मार्ट जीवन शैली। किसी बहुत बड़ी जनसंख्या के सामने अगर कोई बात रखनी हो, प्रेरणा देना हो, स्मरण में रखवाना हो तो कुछ प्रतीकों ..

विकास की अवधारणा और सोशल मीडिया

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पछले दो दशकों से इंटरनेट ने हमारी जीवनशैली को बदलकर रख दिया है। एक नये आभासी समाज और समुदाय का निरंतर निर्माण भी हो रहा है। हमारी जरूरतें, कार्य प्रणालियां, अभिरुचियां और यहां तक कि हमारे सामाजिक मेल-मिलाप और सम्बंधों के ताने-बाने को रचने में कंप्यूटर और इंटरनेट ही बहुत हद तक जिम्मेदार है।..