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मनोरंजन

भारतीय पर्यटन की जान : वन पर्यटन

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सम्पूर्ण भारत के वन्य-जीवन का आनंद उठाने के लिए तो शायद कुछेक साल भी कम पड़ेंगे। लेकिन हमारे नियमित पर्यटन स्थलों के कार्यक्रम के साथ यदि हम वन-पर्यटन का कार्यक्रम भी जोड़ दें तो भारत के कुछ महत्वपूर्ण अभयारण्यों का दर्शन करना और कुछ अनोखे जीव-जंतुओं को देखना शायद मुश्किल न होगा। हजारो वर्षों की परंपरा और गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ ही, हमारे देश को समृद्धशील भूगोल और सतरंगी प्राकृतिक संपदा का वरदान भी मिला है। जहां एक ओर विदेशी पर्यटकों के लिए हमारा भारत, ताजमहल और अजंता-एलोरा का देश है, आलिशान ..

हमर छत्तीसगढ़!!

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छत्तीसगढ़ की विशेषता है यहां का अपनापन, यहां का आदर-आतिथ्य, यहां की संस्कृति, यहां का भोजन, यहां के वन, यहां के वनवासी, यहां का मौन, यहां का शांत जीवन, यहां के व्रत और यहां के उत्सव। इसलिए पधारो हमर छत्तीसगढ़!!  १ नवंबर २००० यही वह तारीख है जब, एक नए राज्य छत्तीसगढ़ का जन्म हुआ था। केवल १७ वर्ष पहले जन्मे इस राज्य में अछूते पर्यटन स्थलों की भरमार है। आदिवासी और ग्राम्य संस्कृति से सराबोर इस राज्य में आना, किसी स्वर्ग में आने के समान है। शहरी आपाधापी से दूर... मौन, शांति और आनंद के लिए, छत्तीसगढ़ ..

अद्भुत गोवा

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गोवा के समुद्री किनारे तो अद्भुत हैं। मीरामार समुद्री तट यानी सुनहरी रेत का समुद्री किनारा। यहां के सनबाथ का अनुभव अवर्णनीय है। गोवा की सैर हमेशा सैलानियों की स्मृतियों में छायी रहती है। गोवा का नाम सुनकर ही मन चर्च और समुद्र किनारों की छवि बनाने लगता है परंतु गोवा के मंदिर भी अद्भुत हैं और इन मंदिरों ने ही गोवा की संस्कृति की रक्षा करने का कर्य किया है।  भारत १५ अगस्त १९४७ को स्वतंत्र हुआ फिर भी गोवा में पराधीनता कायम रही। उसके बाद कुछ काल शांति रही परंतु बाद में सन् १९५६ में गोवा लिबरेशन आर्मी ..

प्रकृति के अनुपम सौंदर्य से लदा असम

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पूर्वोत्तर भारत प्रकृति के सौंदर्य से इतना लदाबदा है कि मन के कैनवास से वह चित्र कभी नहीं मिटेगा। पूर्वोत्तर के ये आठ राज्य हैं- असम, मेघालय, अरुणाचल, मणिपुर, नगालैण्ड, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम। हर राज्य की अपनी संस्कृति, अपना पेहराव और अपनी बोली-भाषाएं और खानपान है। इतनी विविधता तो अन्य किसी भी देश में नहीं मिलेगी। भीड़-भाड़ से दूर और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पूर्वोत्तर पर्यटकों को खूब पसंद आ रहा है तो इसकी ठोस वजह भी है। पूर्वोत्तर राज्यों का परिवेश, मौसम और आत्मीयता पर्यटकों को आकर्षित ..

पर्यटन क्षेत्रों से समृद्ध महाराष्ट्र

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महाराष्ट्र इतिहास, अध्यात्म एवं संस्कृति से भरापूरा है और पर्यटन के अनोखे अवसर प्रदान करता है। प्रकृति ने इसे खूब सौगात दी है। यहां के समुद्र तट और अरण्य दोनों समान रूप से आकर्षक है। महाराष्ट्र पर्यटन की दृष्टि से बहुत समृद्ध है। परंतु ऐसा लगता है कि जितना आवश्यक है उतनी शासकीय मदद नहीं मिलती या फिर राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण प्रदेश पर्यटन के विकास में पिछड़ रहा है। यहां कई ऐतिहासिक किले हैं, पत्थरों में उकेरी हुई उत्कृष्ट चित्रकारी है, कास पठार जैसे अनेक स्थान हैं जो महाराष्ट्र में ‘वैली ..

भारत का हृदय-स्थलः मध्य प्रदेश

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मध्यप्रदेश अनेकों-अनेक ऐतिहासिक, प्राकृतिक महत्व के स्थलों से भरा पड़ा है। मध्यप्रदेश में आदर-आतिथ्य की परंपरा बहुत पुरानी है। आदिवासी संस्कृति, ग्राम्य सभ्यता में आज भी वह अपनापन, वह प्रेम हम महसूस कर सकते हैं। मध्य प्रदेश की सतपुड़ा पहाड़ियों पर बसे घने जंगलों के बारे में भवानीप्रसाद मिश्र की लिखी ये पंक्तियां कितनी सार्थक हैं इस बात का अंदाजा लगाने के लिए उन वनों को करीब से देखना ही एक मात्र मार्ग है। प्राकृतिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धि से परिपूर्ण, भारत देश के ह्रदय-स्थल मध्य प्रदेश ..

Security forces eliminated 3 terrorists who carried out fidayeen attack on Srinagar's BSF camp

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Security forces eliminated 3 terrorists who carried out fidayeen attack on Srinagar's BSF camp..