सेवाधाम आश्रम को समस्त महाजन का सहयोग
स्रोत: हिंदी विवेक          | दिंनाक:३१-मार्च-२०१८





समस्त महाजन केवल मुंबई के लिए ही नहीं अपितु पूरे देश के लिए भी रत्नसमान सेवा संस्था है। ऐसी संस्थाओं के सेवाकार्य से हमारा समाज विपदा और विषमताओं पर विजय प्राप्त करता रहता है।

पिछले लेखों में हमने समस्त महाजन द्वारा कश्मीर में बाढ़ की त्रासदी, उत्तराखंड में बाढ की विभीषिका, महाराष्ट्र में अकाल एवं नेपाल में भूकंप के हादसों में समस्त महाजन द्वारा किए गए सेवा कार्यों से आपको अवगत कराया था। यह सन 2013 से 2015 तक का काल था।

सन 2016 का काल भी सेवा के काफिले का महत्वपूर्ण साल रहा है। दिसम्बर 2015 में कांदिवली पूर्व के दामूनगर को भीषण आग ने अपनी चपेट में ले लिया था। इस हादसे ने मुंबईकरों के साथ ही पूरे देश को दहला डाला था। आग के पश्चात दामूनगर में अविलम्ब राहत कार्य प्रारंभ करने वाली चुनिंदा संस्थाओं में एक ‘समस्त महाजन’ थी। पहले ही दिन उसने दुर्घटना स्थल पर सात्विक खिचड़ी का महारसोईघर शुरू करके राहत कार्य का प्रारंभ कर दिया। उसके साथ प्रारंभ हुआ सर्वेक्षण का कार्य, जिससे कि पीडितों की जरूरतों को सही तौर पर समझा जा सके और उचित दिशा में सेवा हो सके। महारसोईघर के बाद घर के जरूरी सामान और सोलर ऊर्जा के लालटेन, सोने के लिए जरूरी चीजें, कम्बल वगैरह का वितरण हुआ। आग से तबाह दामूनगर को फिर से साफसुथरा करके लोगों को रोगों का शिकार होने से बचाने के लिए स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। 1219 परिवारों का जीवन ध्वस्त कर देने वाली उस आग के बाद अति शीघ्रता से सारा दामूनगर फिर खड़ा हो गया। इस उपलब्धि में समस्त महाजन का योगदान असाधारण रहा। गिरीशभाई कहते हैं, “हम घर की एक चीज टूट जाए तो भी दुखी होते हैं, यहां तो सैकड़ों घर पूरी तरह तबाह हो गए थे। दाताओं के सहयोग से सैकड़ों परिवारों को उनका पूर्ववत जीवन वापस दे पाए इसका श्रेय गुरु-भगवंतों के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं की अथक सेवा को है।

फरवरी 16 का महिना घटनाओं से भरा रहा। यह माह सेवाप्रचुर भी था। उज्जैन स्थित बड़नगर रोड पर 14 फरवरी को सेवाधाम आश्रम अंतर्गत डिडवाणिया (खनलाल) अवेदना केन्द्र में 100 बच्चे, 50-50 स्त्री पुरुषों की सेवा सश्रुषा को सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। लोकसभा अध्यम श्रीमती सुमित्रा महाजन के शुभ हस्तों से उसका लोकर्पण किया गया था। साथ ही परमपूज्य महामंडलेश्वर स्वामी प्रखरजी महाराज और ‘अनाम प्रेम’ के परमपूज्य दादजी की इस अवसर पर उपस्थिति रही।

प्राकृतिक चिकित्सा, दंत चिकित्सा, नेत्र चिकित्सा और ऑपरेशन थिएटर की सुविधाओं के साथ पैथालॉजी लैब, आईसीयू, एनआईसीयू जैसी सुविधाएं भी अवेदना केन्द्र में हैं। वृद्धों औंर जीवन संध्या को पंहुचे लोगों के लिए वहां मनोरोग, कैन्सर, टीबी, एचआईवी, एडस, लकवा, पोलियो जैसी कई शारीरिक-मानसिक बीमारियों के लिए इलाज उपलब्ध है। समस्त महाजन एवं गिरीशभाई ने इस उत्कृष्ट केन्द्र के सृजन में अहम भूमिका निभाई है। यानी एक संस्था समस्त महाजन के बैनर तले तो अच्छे सेवा कार्य होते ही हैं, साथ साथ दूसरी संस्थाओं और सेवाभावी लोगों के साथ भी कदम मिलाने का कार्य जारी है। समस्त महाजन की यह एक अनूठी खासियत है।

फरवरी 16 के दूसरे सप्ताह में, अवेदना केन्द्र के लोकार्पण के दो दिन पहले गोरेगांव में हिन्दू स्पिरिचूअल एण्ड सर्विस फेयर आयोजित किया गया था। हर आठ साल में आयोजित होने वाले इस मेले का मुंबइे में यह प्रथम अवसर था। सैकड़ों सेवा संस्थाओं के साथ समस्त महाजन ने भी उसमें हिस्सा लिया। इसके अलावा अनेक मंदिर, मठ, साधु-संत भी जुड़े थे। ऐसे धार्मिक एवं पावन मेले से जुड़ कर ‘समस्त महाजन’ ने समाज में धर्मभावना मजबूत करने में अपना योगदान दिया।

फरवरी के अंत में चित्रकूट में दीनदयाल शोध संस्थान के सहवर्ती कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया गया था। अप्रतिम राष्ट्रसेवा करने वाले पंडित दीनदयालजी से संबधित इस सम्मेलन में गिरीशभाई विशेष रूप से आमंत्रित थे। वे कहते हैं, “हमें सर्वोच्च राष्ट्रप्रेम और बंधुत्व की प्रेरणा ऐसे महान लोगों के जीवन से मिलती है। मुझे खुशी है कि महानुभावों और विचारकों की भारी उपस्थिति वाले इस अवसर में साझेदारी का मौका मुझे भी मिला।

मार्च के दूसरे सप्ताह में समस्त महाजन नें एक धार्मिक अवसर पर सहयोगी संस्था की भूमिका अदा की। सावला-लोडावा ग्रुप ने जिन शासन के 128 मुमुक्षुओं की 116 कल्याणभूमि की तीर्थयात्रा तब आयोजित की थी। समस्त महाजन के लिए उसमें हिस्सा लेना सौभाग्य की बात तो थी ही, साथ ही धर्म संस्कृति की वंदना भी थी। 27 मार्च को धोलका में नवकार ग्रुप के बैनर तले कलिकुंड में 1200 बहनों के शिविर का आयोजन हुआ। पूज्य साध्वी श्री चितंनप्रभाश्रीजी को प्रेरणा से वह शिविर सम्पन्न हुआ। इस शिविर में भी समस्त महाजन का सहयोग रहा। गिरीश भाई कहते हैं, “मल्टीप्लेक्स कल्चर में भले ही दुनिया सराबोर हो, हमारा समाज धर्म, परिवार प्रेम और श्रद्धा में सरावोर रह कर ही अच्छा लगता है। इस बात को ध्यान में रख कर समस्त महाजन संस्था धर्मकार्यों में उत्साह के साथ शामिल होती है।

पहली अप्रेल को वापी में एक विराट आवास योजना का शिलान्यास संपन्न हुआ एवं दाता द्वारा दी गई पांच एकड़ जमीन पर इस योजना के अंतर्गत 385 घरों के निर्माण की योजना बनाई गई। इस अवसर पर गिरीश भाई मुख्य अतिथि के नाते आमंत्रित थे। साथ ही यह कहने की आवश्यकता नहीं कि ऐसी उमदा प्रवृत्ति में समस्त महाजन का भी योगदान रहा।

उज्जैन में 12 मई से त्रिदवसीय विचार कुंभ का आयोजन किया गया था। पावन कुंभ मेले के साथ ही आयोजित इस अवसर पर 71 देशों के 3500 से अधिक प्रतिष्ठित प्रतिनिधि उपस्थित हुए। रा.स्व.संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत, सरकार्यवाह श्री भैयाज जोशी, प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, योगगुरु बाबा रामदेव जैसी हस्तियां भी उसमें शामिल हुईं। समस्त महाजन के लिए यह गौरव की बात थी कि दुनियाभर के 3500 आमंत्रितों में एक श्री गिरीश भाई शाह भी थे। आर्गेनिक फार्मिंग, पर्यावरण संतुलन, समृद्धि, जीवदया जैसे विषयों पर विचार कुंभ यें काफी अर्थपूर्ण परिसंवाद हुआ। इस अवसर पर 51 मुद्दों का विश्वव्यापी संदेश भी प्रकाशित किया गया था। अपने उस अनुभव को बांटते हुए गिरीश भाई कहते हैं, “जीवदया, पर्यावरण, खेती, समाज जैसे महत्त्वपूर्ण मुद्दों को समाविष्ट करने वाले इस आयोजन का राष्ट्र पर दीर्घकालीन एवं सकारात्मक असर होगा। मुझे खुशी है कि जिस दिशा में समस्त महाजन जैसी संस्था कार्यरत है उसी दिशा पर रोशनी डालने वाला ऐसा आयोजन विश्व स्तर पर हुआ।”

गर्मी के समय महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्य अकाल की चपेट में आ गए थे। समस्त महाजन ने अकाल के अलावा कई प्राकृतिक विपदाओं में भी समाज की अमूल्य सेवा की है। पिछला अकाल भी अपवाद नहीं था। समस्त महाजन ने पद गावों में सफलतापूर्वक सेवा कार्य किए। समस्त महाजन की यही भावना थी कि इन गावों में राहत कार्य तो हो ही पानी की समस्या का स्थाथी निदान भी ढूंढा जाए। बीड और लातूर के 100 से अधिक गांवों में तालाब गहरे करने का विराट कार्य भी समस्त महाजन ने किया। उसके साथ गौचर विकास, वृक्षारोपण जैसे कार्य भी किए। 30 से अधिक गांवों में टैंकर से पानी की सप्लाई भी की।

कितने-कितने मोर्चे और कैसी अकल्पनीय मानवता! समस्त महाजन केवल मुंबई के लिए ही नहीं अपितु पूरे देश के लिए भी रत्नसमान सेवा संस्था है। ऐसी संस्थाओं के सेवाकार्य से हमारा समाज विपदा और विषमताओं पर विजय प्राप्त करता रहता है। समस्त महाजन के जरिये यह विजय और भी शानदार बनें यही अपेक्षा है।