याद रहेगी शशि स्टाइल की मोहब्बत
स्रोत: हिंदी विवेक       | दिंनाक:०५-दिसंबर-२०१७
मासूम चेहरा। आंखें जैसे पल में कितना ही कुछ कह रहीं हो, मोहब्बत का अंदाज़ सबसे अलहदा और उस पर गज़ब की संवाद अदायगी। यह सबकुछ जब पर्दे पर एक ही वक़्त घटित होता था तब सिनेमाहॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज जाया करते थे।
 
फिल्मी परदे पर अपने अनूठे अंदाज में मोहब्बत के रंग भरने वाले जाने-माने अभिनेता शशि कपूर अब हमारे बीच नहीं रहे। सोमवार 4 दिसंबर 2017 को मुंबई में उनका निधन हो गया। 18 मार्च 1938 को जन्मे शशि कपूर 79 साल के थे। लम्बे समय से वे अस्वस्थ चल रहे थे।

 
एक वक्त था जब फिल्मों में शशि साहब का अपनी सह अभिनेत्रियों संग रोमांस देखने फिल्मप्रेमी पूरे उत्साह के साथ सिनेमाघर जाया करते थे। घंटों लाइन में लगकर टिकट मिलने के बाद परदे पर प्रेम बरसाने वाले इस कलाकार को देखना एक अलग ही अनुभूति होती थी। लड़कियां उनकी दीवानी थीं, तो लड़के उनकी स्टाइल को कॉपी करने पर आमादा। वे रोमांटिक सीन इस कदर डूबकर करते कि सह कलाकार हतप्रभ रह जाते। मार्मिक दृश्यों में भी शशि ने अपनी अभिनय प्रतिभा की छाप छोड़ी थी।
 
बालपन से अभिनय से वास्ता
फिल्म अभिनेता शशि कपूर का बचपन से ही अभिनय से रिश्ता जुड़ गया था। रंगमंच को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दिन रात मेहनत करते पिता पृथ्वीराज कपूर को बालक शशि की मासूम आंखें अचरज से देखती थीं। दो बड़े भाई राज कपूर और शम्मी कपूर को इस क्षेत्र में आगे बढ़ते देख शशि की रगों में भी अभिनय दौड़ने लगता। उन दिनों पृथ्वी थिएटर के सामने नाटक प्रेमियों की लम्बी-लम्बी लाइन हुआ करती थी। पिता के साथ शशि ने थिएटर में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। यह बालक टिकट वितरण और दूसरे काम भी करने लगा था। बालपन में थिएटर और सिनेमा में अभिनय की शुरुआत हो चुकी थी। आगे शशि को अपने दम पर रास्ता तय करना था। हुआ भी वही जो नियति को मंजूर था। शशि बड़े परदे पर सबको अपने अभिनय से दीवाना बनाने निकल पड़े थे।
 
160 फिल्मों में अभिनय की जादूगरी
जाने माने अभिनेता शशि कपूर ने करीब 160 फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट उन्होंने फिल्म आवारा में राजकपूर के बचपन का रोल भी निभाया था। सन 1961 में उन्होंने बतौर लीड एक्टर हिन्दी फिल्मों में पर्दापण किया। सन 2011 में पद्मभूषण और सन 2015 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से उन्हें सम्मानित किया गया। शशि कपूर की फिल्मों के हिट गाने आज भी फिल्म प्रेमी गुनगुनाते हैं।
 
जेनिफर से हुआ इश्क
फिल्मों में छोटे-बड़े रोल निभाते हुए वे एंग्लो इंडियन थिएटर ग्रुप से जुड़े और कोलकाता चले गए। इस ग्रुप को जेनिफर के पिता गोदफ्रे केंडल संचालित करते थे। यहां उन्हें जेनिफर से इश्क हो गया। उन्होंने शादी कर ली और अपनी पूरी जिंदगी फिल्म व थिएटर के नाम कर दी। कैंसर के चलते साल 1984 में जेनिफर की मौत हो गई। शशि कपूर के तीन बच्चे कुणाल कपूर, करण कपूर और संजना कपूर हैं।
 
मेरे पास मां है
फिल्म दीवार का वह सीन आज भी लोगों के दिलोदिमाग पर छाया हुआ है। जिसमें शशि साहब ने सिर्फ यह कहा था कि मेरे पास मां है। इस सीन पर गौर करें तो इसमें अभिनेता अमिताभ बच्चन का लंबा-चौड़ा डायलॉग था। जिसमें वे अपने भाई से कहते हैं - देखो मुझे, आज मेरे पास गाड़ी है, बंगला है, प्रॉपर्टी है, बैंक बेलेंस है, क्या है तुम्हारे पास और शशि साहब कहते हैं मेरे पास मां है। इस एक लाइन को बोलकर शशि साहब ने यह पूरा सीन अपने नाम कर लिया था। आज भी यह सीन उसी वन लाइनर संवाद के लिए जाना जाता है। अपनी फिल्मों के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले शशि साहब हमेशा अपने फेन्स के दिल में रहेंगे।