सर्दियों में यूं बचें बीमारियों से
स्रोत: हिंदी विवेक       | दिंनाक:०१-दिसंबर-२०१७
हमारे शरीर का ‘रोग प्रतिकारक तंत्र’ रोगों से हमारी रक्षा करता है। यही शरीर की इम्युनिटी है। इसके लिए पोषणयुक्त आहार, पानी का पर्याप्त सेवन और अच्छी नींद आवश्यक है। समय के अनुकूल व्यायाम से अधिक लाभ होता है। इसे पढ़िए ताकि आप स्वस्थ रहें, खुश रहें।

 
दीवाली के बाद, मौसम बदलने लगता है, सर्दियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार से लेकर मलेरिया जैसी बीमारियां शरीर को घेर सकती हैं। वैसे देखा जाए तो इन सबसे बचने के लिए, हमारे शरीर में एक बचाव तंत्र होता है, जो शरीर की रोगों से सुरक्षा करता है, इसे ‘रोग प्रतिरोधक क्षमता’ या ‘इम्युनिटी’ कहते हैं।
कई बार यह तंत्र कमजोर हो जाता है और बीमारियों से बचाव नहीं कर पाता, फलस्वरूप शरीर रोगग्रस्त हो जाता है।
इम्युनिटी कमजोर होने के कारण निम्न हैं-
अनियमित खानपान
अनियमित व दौड़भाग भरी जिंदगी में कई बार, खाने की ओर हमारा ध्यान नहीं होता। सुबह आफिस जाने की जल्दी में, नाश्ता करने का समय नहीं मिलता। भूख लगने पर जो भी सरलता से मिल जाए खा लिया जाता है। इससे शरीर को पोषक तत्व नहीं मिल पाते और रोग प्रतिरोधक क्षमता, कमजोर होने लगती है। खाने का समय भी निश्चित नहीं होता। असमय खाने से पाचन क्रिया भी प्रभावित होती है।
खाने की गलत आदतें
आजकल पिज्जा, पास्ता, बर्गर और नूडल्स खाना सभ्यता की निशानी समझा जाता है। इसमें स्थित मैदा शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाता है। पाचन क्रिया प्रभावित होने के साथ-साथ कब्ज भी हो सकता है।
भले ही डिब्बाबंद पदार्थ, रेडी टू ईट पदार्थ खाने में अच्छे लगते हों और हमारा कुकिंग का समय बचाते हों, परंतु इनमें पाए जाने वाले प्रिजरवेटिव शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं।
बीमारियों को नजरअंदाज करना
कई बार हम छोटी-मोटी बीमारियों जैसे सर्दी, जुकाम, बुखार, सरदर्द, बदनदर्द आदि को नजरअंदाज करते हुए अपने काम में व्यस्त रहते हैं। ज्यादा तकलीफ होने पर पेनकिलर (दर्द निवारक दवा) ले लेते हैं। इससे भी हमारी इम्युनिटी कम हो जाती है। सही समय पर बीमारी का इलाज करवाएं।
तनाव
कहते हैं चिंता चिता के समान होती है। चिंता और तनाव से हमारे शरीर में कॉर्टिसॉल नामक हारमोन का स्तर बढ़ जाता है, और रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है।
नींद पूरी ना होना
जब आप सो रहे होते हैं, तब आपका शरीर अंदरूनी मरम्मत कर रहा होता है। शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाने का कार्य कर रहा होता है। परंतु जब नींद पूरी नहीं हो पाती, तो इन कार्यों में बाधा आ जाती है। इससे शरीर और दिमाग में थकान, किसी काम में मन ना लगने के साथ-साथ पाचन क्रिया भी बाधित होती है। ये सब इम्युनिटी को प्रभावित करते हैं, इसलिए ७ से ८ घंटे नींद अवश्य लें।
कैसे बढ़ाएं इम्युनिटी?
जब हमारी इम्युनिटी या रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है तो यह हमें इन्फेक्शन (संक्रमण) करने वाले कीटाणुओं, बैक्टीरिया और वाइरस से लड़कर हमें रोगग्रस्त होने से बचाती है। हमारा बचाव तंत्र मजबूत हो जाता है।
स्वस्थ आहार लें
घर का बना खाना खाएं, खाना समय पर खाएं, सुबह नाश्ता अवश्य करें। शाम को भूख लगने पर चिप्स तैलीय चटपटा नाश्ता खाने की बजाय फल, भुने चने, भुनी मूंगफली, सूखा कुरमुरा भेल, नमक टमाटर मिले अंकुरित अनाज जैसी हेल्दी चीजें खाएं, इससे भूख भी दूर होगी और शरीर भी स्वस्थ रहेगा।
पर्याप्त पानी एवं नींद लें
पानी का सेवन शरीर की कार्यप्रणाली को चुस्त रखने के लिए और शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालने के लिए बहुत आवश्यक है।
हमारे मस्तिष्क को सुचारू रूप से काम करने के लिए ७ से ८ घंटे की नींद बहुत आवश्यक है।
साफ सफाई का ख्याल रखें
अपने आसपास का वातावरण, अपना शरीर और कपड़ों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। गंदगी के कारण इन्फेक्शन (संक्रमण) होने का खतरा होता है। दाल, चावल, फल एवं सब्जियां बनाने और पकाने से पहले अच्छी तरह धो लें। खाना बनाने और खाने के पहले हाथों को अच्छी तरह हैंडवाश से धोएं। दिन में ३-४ बार हाथ धोएं।
तनावमुक्त रहें
तनाव या स्ट्रेस को स्वयं पर हावी ना होने दें। तनाव से दूर रहने के लिए रोजाना सुबह टहलें एवं व्यायाम करें। योग और प्राणायाम भी तनावमुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन सबके करने से शरीर में एंडारफिन नामक हारमोन की उत्पत्ति होती है, जिससे हम प्रसन्नता का अनुभव करते हैं। इससे शरीर स्वस्थ और इम्युनिटी मजबूत होती है।
इन्हें खाने में शामिल करें-
फल: रोजाना एक फल खाएं। जैसे सेब, संतरा, मौंसबी, अंगूर, केला, नाशपाती, पपीता, तरबूज, आवला आदि बेहद पौष्टिक होते हैं। इन्हें ना ले सकें तो जिस मौसम जो मौसमी फल मिलें, उन्हें खाने से भी लाभ होता है।
सब्जियां: हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी, चौलाई अवश्य खाएं। गाजर, मटर और फली वाली सब्जियां खाना ना भूलें।
सलाद: टमाटर, बीटरूट, खीरा, मूली, हरा धनिया, हरा प्याज, ऐसपेरागट,नीबू को अवश्य शामिल करें।
अनाज: गेंहू, ज्वार, बाजारा, नाचनी (रागी), चावल, सोयाबीन आदि सभी तरह की दालों के अलावा तिल, अलसी, खसखस और अजवाइन भी खाएं।
क्विक टिप्स
* इम्यून सिस्टम को मजबूत रखते के लिए बहुत ज्यादा सोचने या करने की जरूरत नहीं है।
* भारतीय खाना दाल, चावल, सब्जी, रोटी खाएं। यह संपूर्ण आहार है।
* रोजाना खाने में १ हरी सब्जी व सलाद अवश्य लें।
* रोजाना एक फल खाएं।
* एक ही सब्जियां या फल खाने की बजाय बदल-बदल कर खाएं।
* जंक फूड और ऑयली फूड कम से कम खाएं।
* तीन सफेद चीजें चीनी, मैदा और नमक कम खाएं। ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
* नियमित समय पर खाएं और रोजाना ३० मिनट टहलें और व्यायाम करें।
बस इतना करते रहें इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होगा और बीमारियां छू भी नहीं पाएंगी।